
Maithilisharan Gupt Kavya Virasat (Hindi)
Maithilisharan Gupt Kavya Virasat (Hindi)
मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य में राष्ट्रीय चेतना के प्रमुख स्वर माने जाते हैं। उनकी रचनाओं ने खड़ी बोली हिंदी को काव्य की प्रतिष्ठा दी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।
यह संग्रह महाकाव्यात्मक आख्यान, देशभक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की उस धारा को एक साथ प्रस्तुत करता है जिसने आधुनिक हिंदी कविता को दिशा दी।
- राष्ट्रकवि की प्रतिनिधि और ऐतिहासिक कृतियों का संकलन
- रामायण और महाभारत प्रसंगों का काव्यात्मक पुनर्पाठ
- राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए महत्वपूर्ण संग्रह
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Saket (साकेत)
रामायण की कथा का पुनर्पाठ; उर्मिला के दृष्टिकोण से त्याग, धर्म और नारी चेतना का महाकाव्यात्मक चित्रण।
404 pages
Bharat-Bharati (भारत-भारती)
देशभक्ति से ओत-प्रोत काव्य संग्रह; राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता भावना को जागृत करने वाली कविताएँ।
252 pages
Jayadrath Vadh (जयद्रथ वध)
महाभारत प्रसंग पर आधारित काव्य रचना; वीरता, प्रतिज्ञा और धर्म संघर्ष का प्रभावशाली वर्णन।
40 pages
Panchavati (पंचवटी)
रामकथा का काव्यात्मक प्रस्तुतीकरण; वनवास प्रसंग के माध्यम से आदर्श, त्याग और मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति।
40 pages
Maithilisharan Gupt Kavita Sangrah
चयनित कविताओं का संकलन; राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक चेतना का संतुलित काव्यात्मक स्वर।
80 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- शुद्ध हिंदी भाषा: सरल और प्रवाहमयी भाषा जो पढ़ने में आसान है।
- प्रीमियम क्वालिटी: बेहतर पढ़ने के अनुभव के लिए मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाला पेपर।
- परफेक्ट गिफ्ट: हिंदी साहित्य, इतिहास और UPSC के छात्रों के लिए बेहतरीन चयन।
- अभी ऑर्डर करें और ‘राष्ट्रकवि’ के विचारों को अपने घर लाएँ! (फ्री होम डिलीवरी + कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध)
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Hindi Literature |
| Bundle ISBN | 9789371972772 |
| Total Price | ₹ 1999 |
| Limited-Time Discount | ₹ 1000 off |
| Final Price | ₹ 999 |
More Images





Maithilisharan Gupt Kavya Virasat (Hindi)
Maithilisharan Gupt Kavya Virasat (Hindi)
मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य में राष्ट्रीय चेतना के प्रमुख स्वर माने जाते हैं। उनकी रचनाओं ने खड़ी बोली हिंदी को काव्य की प्रतिष्ठा दी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।
यह संग्रह महाकाव्यात्मक आख्यान, देशभक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की उस धारा को एक साथ प्रस्तुत करता है जिसने आधुनिक हिंदी कविता को दिशा दी।
- राष्ट्रकवि की प्रतिनिधि और ऐतिहासिक कृतियों का संकलन
- रामायण और महाभारत प्रसंगों का काव्यात्मक पुनर्पाठ
- राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए महत्वपूर्ण संग्रह
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Saket (साकेत)
रामायण की कथा का पुनर्पाठ; उर्मिला के दृष्टिकोण से त्याग, धर्म और नारी चेतना का महाकाव्यात्मक चित्रण।
404 pages
Bharat-Bharati (भारत-भारती)
देशभक्ति से ओत-प्रोत काव्य संग्रह; राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता भावना को जागृत करने वाली कविताएँ।
252 pages
Jayadrath Vadh (जयद्रथ वध)
महाभारत प्रसंग पर आधारित काव्य रचना; वीरता, प्रतिज्ञा और धर्म संघर्ष का प्रभावशाली वर्णन।
40 pages
Panchavati (पंचवटी)
रामकथा का काव्यात्मक प्रस्तुतीकरण; वनवास प्रसंग के माध्यम से आदर्श, त्याग और मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति।
40 pages
Maithilisharan Gupt Kavita Sangrah
चयनित कविताओं का संकलन; राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक चेतना का संतुलित काव्यात्मक स्वर।
80 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- शुद्ध हिंदी भाषा: सरल और प्रवाहमयी भाषा जो पढ़ने में आसान है।
- प्रीमियम क्वालिटी: बेहतर पढ़ने के अनुभव के लिए मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाला पेपर।
- परफेक्ट गिफ्ट: हिंदी साहित्य, इतिहास और UPSC के छात्रों के लिए बेहतरीन चयन।
- अभी ऑर्डर करें और ‘राष्ट्रकवि’ के विचारों को अपने घर लाएँ! (फ्री होम डिलीवरी + कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध)
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Hindi Literature |
| Bundle ISBN | 9789371972772 |
| Total Price | ₹ 1999 |
| Limited-Time Discount | ₹ 1000 off |
| Final Price | ₹ 999 |
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Maithilisharan Gupt Kavya Virasat (Hindi)
मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य में राष्ट्रीय चेतना के प्रमुख स्वर माने जाते हैं। उनकी रचनाओं ने खड़ी बोली हिंदी को काव्य की प्रतिष्ठा दी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।
यह संग्रह महाकाव्यात्मक आख्यान, देशभक्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की उस धारा को एक साथ प्रस्तुत करता है जिसने आधुनिक हिंदी कविता को दिशा दी।
- राष्ट्रकवि की प्रतिनिधि और ऐतिहासिक कृतियों का संकलन
- रामायण और महाभारत प्रसंगों का काव्यात्मक पुनर्पाठ
- राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए महत्वपूर्ण संग्रह
इस संग्रह में शामिल पुस्तकें:
Saket (साकेत)
रामायण की कथा का पुनर्पाठ; उर्मिला के दृष्टिकोण से त्याग, धर्म और नारी चेतना का महाकाव्यात्मक चित्रण।
404 pages
Bharat-Bharati (भारत-भारती)
देशभक्ति से ओत-प्रोत काव्य संग्रह; राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता भावना को जागृत करने वाली कविताएँ।
252 pages
Jayadrath Vadh (जयद्रथ वध)
महाभारत प्रसंग पर आधारित काव्य रचना; वीरता, प्रतिज्ञा और धर्म संघर्ष का प्रभावशाली वर्णन।
40 pages
Panchavati (पंचवटी)
रामकथा का काव्यात्मक प्रस्तुतीकरण; वनवास प्रसंग के माध्यम से आदर्श, त्याग और मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति।
40 pages
Maithilisharan Gupt Kavita Sangrah
चयनित कविताओं का संकलन; राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक चेतना का संतुलित काव्यात्मक स्वर।
80 pagesयह संग्रह क्यों चुनें?
- शुद्ध हिंदी भाषा: सरल और प्रवाहमयी भाषा जो पढ़ने में आसान है।
- प्रीमियम क्वालिटी: बेहतर पढ़ने के अनुभव के लिए मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाला पेपर।
- परफेक्ट गिफ्ट: हिंदी साहित्य, इतिहास और UPSC के छात्रों के लिए बेहतरीन चयन।
- अभी ऑर्डर करें और ‘राष्ट्रकवि’ के विचारों को अपने घर लाएँ! (फ्री होम डिलीवरी + कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध)
Product Details
| Language | Hindi |
| Format | Paperback (Set of 5 Books) |
| Genre | Hindi Literature |
| Bundle ISBN | 9789371972772 |
| Total Price | ₹ 1999 |
| Limited-Time Discount | ₹ 1000 off |
| Final Price | ₹ 999 |


















